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वह आज भी मेरी मोहब्बत को तरसते हैं

वह आज भी मेरी मोहब्बत को तरसते हैं मुझे बेवफा कह कर घुटते हैं और तड़पते है मेरी किस्मत मारी गई थी जो उन्हें छोड़कर चली आई यहां मेरे हालात ऐसे हैं कि वह मेरी कद्र नहीं करते दिन रात सताते और भड़कते हैं