तुम होठों से कहो ना कहो तुम्हारी आंखों में तुम्हारे इरादे छलकते हैं तुम्हारी नशीली आंखों को देख कर अब मेरा मन करता है की मयखाना को जाना अब छोड़ दे प्यार पाना है जो तुम्हारा समझौता तो करना ही होगा
वह आज भी मेरी मोहब्बत को तरसते हैं मुझे बेवफा कह कर घुटते हैं और तड़पते है मेरी किस्मत मारी गई थी जो उन्हें छोड़कर चली आई यहां मेरे हालात ऐसे हैं कि वह मेरी कद्र नहीं करते दिन रात सताते और भड़कते हैं